ए पुस्तक के पढ़ासिंग मिरगान गोट के बोलतो लोक गिनती आवरी गनित के लिकुक, पढ़ुक आवरी सीकुक सकदोत। ए पुस्तक, नानी नानी पिलाझिलामन चो सिकतो काजे बनालोर आसे।  

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