मिरगान लोक

मिरगान लोक

तिंचो रोजे चो जीवना खावना आवरी बिसवास चो बारे ने जाना

रहन सहन

कोनी कोनी मिरगान परिवार आजी पने दादी पुरखादाय चो बुता भयना के करतायमातर खुबे लोक के उजवा बुता के डगराउक पड़ुआय। अबर तिंचो जीवना ने खेती बाड़ी पने जुड़ली आय। एमन धानमंडियाजोंदरा आवरी साग भाजी चो पने खेती करुआत। कोनी कोनी लोक कुली भुती करतो काजे सहर ने पने काम करुक जाउआत।

बेड़ा कमनी

घर

मिरगान लोक चो गांव नानी नानी रउआय आवरी सबु लोक एक दुसर के मया करा करी होउआत आवरी मिला मिसासिंग रउआत। परिवार एक दुसर चो लगे रउआत आवरी एक दुसर चो सायता करुआत। एमन चो घर सादा रउआय। आवरी ए माटी, ईटा आवरी झिकर/खपरा नोअले खड़ छावनी ले बना रउआय। लोकमन मिला मिसासिंग बुता करुआत आवरी समाज चो तिज तिआर के हरिक ले मानुआत।

जीवना खावना चो परेसानी चो लागी कोनी कोनी मिरगान परिवार सहरे जाते गेला आतमातर खुबे लोकमन आजी पने गांव ने ची रउआत। एमन आगचो रितिबिदी के नी छाड़ासिंग नुआ जमाना चो बदलाव के पने अपनाते जायताय। 

मिरगान घर

तिंचो विसवास

खुबे मिरगान लोक हिंदु धरम के मानुआत। एमन हिंदु तिज तिआर के मानुआत आवरी ईस्परबिसनुसिव आवरी जगरनाथ जसन देवतामन चो पुजा करुआत। एचो संगे-संगे एमन आपन चो घर चो देव-धामी के पने पुजा करुआत। ए देवतामन काजे आपन चो घर चो लगे ची नोअले घर चो गोटक अलग बाकरा ने देवघर बनाउ आत।ए सबु रितीरकम इंके दादी-पुरखा ले मिरली आय। देव गुड़ी इंचो धारमिक जीवन चो सबुले जरुरी अंग है। 

मिरगान देवि

उजवा धंदा 

तेतर ठेसतोर

मिरगान लोक सितकार ले धरा जेटबेरा तक गांव चो सबु लोक तेतर ठेसतो ने बायबाय हुआ रउआत। गांव ने गोटक सेठ इयासिंग तेतर ठेसाउ आय। गांव चो मेरानमन तेतर सेठ लगले तेतर के तोला नेउआत। सेठ गोटक कागत ने तिंचो निलो तेतर चो हिसाब के लिका रउआय। मेरानमन तेतर के आनुआत आवरी जड़ंगा झिकासिंग घामे सुकाव देउआत।

पाचे हुनके पोकना ने मंडावसिंग ठेसुआत। ठेसलोर पाचे हुनचो बीजा के हिटाउआत। तेतर के फुल हिटातो लोक फुल हिटाउ आत आवरी छचा बनातो लोक छचा बनाउ आत। ए बुता के घर चो मांई पिला करुआत। सबु काम सरलोर पाचे हुनके तेतर सेठ लगे निया देउआत। तेतर सेठ मेरानमन के हपता ने पयसा देउआय। मेरानमन पयसा झोकला बलले हाट पटन जाउआत आवरी साग-डार घेना आनु आत। मेरानमन गुलाय सितकार भर आवरी जेटदाय ले कायमंजा तेतर ठेसासिंग कमाउ आत।  

तेतर ठेसतोर

केन्दु पान

जेट बेरा गांव चो मनुकमन केन्‍दु खुटी मारुक जाउआत। केन्‍दु खुटी मारले बुटा थाने अछा पाना पिल्काउ आय। हुनचो  पाचे लांडी जोने केन्‍दु पान टुटातो बुता चलुआय। गांव चो मेरानलेकयामन बड़े बियाने राने नोअले मराने जाहासिंग अछा अछा केन्‍दु पान के टुटाव आनुआत आवरी पचास पचास चो गडी बांदुआत। ए काम के घर चो मांईपिला बसासिंग करुआत। पाचे नपातो जगा ने नियासिंग सुकाव देउआत। ए काम दुय- तीन हपता चलुआय। केन्‍दुपान नपातो काम के सरकार करुआय। सरकार गांव चो लोक के केन्‍दु पान टुटातो भूती काजे अछा पयसा देउआय।

तेंदू पाना

खादी

मिरगान लोक चो खान पान

मिरगान लोक समय समय ने साग भाजी खातो काजे खेती बाड़ी करुआत। हुनचो संगे संगे मिरगान लोग रान बन ले पने साग डार डगराउआत। ए साग डार चो नाव- दातुन पान, छाती बोड़ा, चापड़ा, केरमेटा, बास्ता, चोरटा भाजी, चेंज भाजी, सिलियारी भाजी, पातरु भाजी, काकड़ा-मछरी आवरी घुली आय। ए सबु तिजमन के लोक राने दारु खीड़ी डगराउक गेला बलले धरा आनुआत आवरी बेड़ा खाड़ा बाटे गेला बलले धरा आनुआत।

छाती बोड़ा

बरसादाय पानी मारा घाम छेकली बलले रान चो पानामन कुअते जाउ आय आवरी छाती बोड़ा फुटते जाउआय। मेरानलेकयामन बड़े बियाने उठासिंग राने जाउआत आवरी छाती बोड़ा हिटाव आनुआत।

 छाती उजवा उजवा किसम चो रउ आय एचो नाव हुनचो रंग चो हिसाब ने, सुआद चो हिसाब ने नोअले हुनचो देका दितो हिसाब ने रउआय। छातीमन चो नाव आय- पान छाती, टाकु छाती, हरदुलिया छाती, मंजुर डुंडा छाती, भात छाती, डेंगुर छाती, मनुक छाती, खड़ छाती आय। ए सबु छातीमन चो सुआद पने उजवा उजवा रउआय। कोनी कोनी लोकमन छाती के घरे आना सुकाउआत। हुन सुकलो छाती के सोला बोलुआत। लोकमन छाती सोला के आमट रांदा खाउआत।

बोड़ा भुंय भीतरे फुटुआय। बोड़ा देकतो ने गोल-गोल बाटी असन देकुआय। बोड़ा फुटली बलले भुंय थाने डांगरा फाटुआय। लोकमन कडरी नोअले किटका संगे डांगरा के कोदाउआत आवरी बोड़ा के निकराउआत। बोड़ामन उजवा उजवा किसम चो रउआय आवरी एचो सुआद पने उजवा उजवा रउआय। बोड़ामन चो नाव आय- जात बोड़ा, लाकड़ी बोड़ा। बोड़ा के आमट नोअले साग रांदा खाउआत।

छाती

छाती

चापड़ा चटनी

गांव चो मेरानलेकयामन चापड़ा के फापड़तो काजे मिसासिंग राने जाउआत। चापड़ा सरगी गच थाने गुड़ा ओचाव रउआत। सबु मेरानमन रान थाने बुलुआत आवरी चापड़ा ओचालो गच के डगराउ आत। पाचे गोटक लाट संगे चापड़ा गुड़ा के घिचुआत आवरी टुकना थाने सोंगाउआत। चापड़ा फापड़तो बुता खुबे डंड आय कसनबलले चापड़ामन गुलाय गागर ने चेगुआत आवरी चाबुआत। गुलाय गागर ने पोका पोका हुआ जाउआय। पाचे हुनके घरे आनासिंग चटनी पिसुआत आवरी गार बिती चापड़ा के पुड़गा खाउआत।

पारंपरिक चापड़ा चटनी

चापड़ा चटनी

काकड़ा मछरी

बरसादाय बेड़ा खाड़ा ने पानी भरली बलले खुबे काकड़ा मछरी आवरी घुली मिरुआय। मछरी धरतो काजे मनुकमन बिसर बनाउआत, दांदर रोपुआत, जाल ने पने धरुआत आवरी कोनी कोनी लोक गरी लाट ने पने मछरी धरुआत। मछरी के धरा घरे आनुआत आवरी पुड़गा खाउआत नोअले छचना थाने सुकाउआत। सुकलो मचरी के सुकसी बोलुआत आवरी बड़े मछरी के काटासिंग सुकाउआत हुनके कुटका सुकसी बोलुआत। मछरीमन उजवा उजवा किसम चो रउआय हुनचो नाव आय- कोतरी, बामी, खोकसी, टेंगना, तुरु, मांगुर, केउ मछरी, चिंगड़ी।

बेड़ा थाने काकड़ा पने मिरुआय। काकड़ान के धरतो काजे मनुकमन टोकसु आत नोअले मेरानमन धान रोपतोदाय धरुआत। आवरी काकड़ा के घरे आनासिंग भाजा खाउआत। काकड़ा पने उजवा उजवा किसम चो रउआय- काकड़ामंडेया काकड़ाचार काकड़ा। कोनी कोनी काकड़ा के ओसो बनाउ आत।

Dry Fish

Dry Fish

सेयर करा

Your encouragement is valuable to us

Your stories help make websites like this possible.