भासा आवरी पुस्तक
पईल पुस्तक
पईल पुस्तक एबे एबे सिकुक मुरातो लोकमन काजे गोटक मित असन अछा बाट देकातो बिती आय। एता सरल सबदमन के बावरलोर आसे आवरी गोटक गोटक सबद के समजालोर आसे। ईकाजे, कोनी पने सिकुक सकोत। ए पुस्तक सबु उमर चो सिकतो लोक काजे आत्मविश्वास संगे आपन चो गियान के बड़ातो ने सायता करुआय।
कावनी चो कोना
कावनी चो कोना गोटक खास जगा आय जोन थाने पड़तो लोक नानी नानी, सरसरा पड़तो बिती कावनीमन चो मजा धरुक सकोत। एके सोच बिचार के चेतातो काजे आवरी कावनी सुनातो बाटले सिकतो तिज के कायमंजा बनातो काजे डिजाइन करलोर आसे।
सिकछा संसाधन
आमचो सिकछा संसाधन अनुभाग सिकतो लोक, गुरजी आवरी परिवार चो लोक के बावरतो ने सरल जमक संगे सायता करतो काजे बनालोर आसे। ए बाट देकातो बिती, कावनीमन आवरी सिकतो तिजमन देउआय जोन सरसरा भासा ने समजालोर आसे। ए सबु तिजमन ले सिकतो सबु लोक काजे सरसरा हुआ जाउ आय।
तिकतिका रहन - सहन
तिकतिका रहन सहन चो अरत, रोजे सरल तरिका ले आपन चो गागर आवरी दिमाक चो खियाल रखतोर आय। ए अनुभाग सरसरा सुझावमन, बाट देकातोबिती आवरी सिकातो बिती के सांगुआय। ए तुमके चरफर रतो काजे, अछा खातो काजे आवरी अछा लागतो काजे सायता करुआय।